लोक इतिहास (People’s History) की अवधारणा और उसका समकालीन महत्व
Abstract
शोध सारांश : लोक इतिहास (People’s History) इतिहास लेखन की वह धारा है जिसमें केवल राजाओं, युद्धों, शासकों और अभिजात वर्ग के कार्यों पर ही ध्यान नहीं दिया जाता है, बल्कि सामान्य जनता, श्रमिकों, किसानों, स्त्रियों, दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों तथा वंचित समुदायों के जीवन, संघर्ष, अनुभव और योगदान को इतिहास के केंद्र में रखता है। इस दृष्टिकोण के अनुसार इतिहास केवल सत्ता-केन्द्रित घटनाओं का विवरण नहीं, बल्कि समाज के विविध वर्गों की सामूहिक स्मृति और अनुभवों का दस्तावेज भी है। समकालीन संदर्भ में लोक इतिहास का महत्व व्यापक है। पहला,यह सामाजिक न्याय और समावेशिता की भावना को सुदृढ़ करता है, क्योंकि इससे वंचित समुदायों के अनुभवों को मान्यता मिलती है। दूसरा , यह राष्ट्रीय इतिहास की एकांगी व्याख्या को चुनौती देता है और बहुलतावादी दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। मुख्य शब्द:- जन इतिहास,समावेशिता,वंचित समुदाय, निम्नवर्गीय,स्मृति ,सामाजिक न्याय
How to Cite
डॉ. धनंजय कुमार सिंह. (1). लोक इतिहास (People’s History) की अवधारणा और उसका समकालीन महत्व. ACCENT JOURNAL OF ECONOMICS ECOLOGY & ENGINEERING ISSN: 2456-1037 SIF:8.20, Peer Reviewed and Refereed Journal, UGC APPROVED NO. 48767 (Ref.2018), 10(1), 217-222. Retrieved from https://ajeee.co.in/index.php/ajeee/article/view/6181
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