नशा मुक्ति अभियान में सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका
Abstract
सार: नशा आज के समाज की एक गंभीर सामाजिक, आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्या के रूप में उभरकर सामने आया है, जो व्यक्ति, परिवार तथा समुदाय को व्यापक रूप से प्रभावित करता है। मादक पदार्थों के बढ़ते उपयोग के कारण अपराध, मानसिक रोग, पारिवारिक विघटन और सामाजिक असंतुलन जैसी समस्याएँ निरंतर बढ़ रही हैं। इस संदर्भ में नशा मुक्ति अभियान एक महत्वपूर्ण सामाजिक हस्तक्षेप के रूप में कार्य करता है, जिसका उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा उन्हें नशामुक्त जीवन की ओर प्रेरित करना है। यह शोध नशा मुक्ति अभियान में सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका का विश्लेषण करता है। सामाजिक कार्यकर्ता जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन, परामर्श सेवाएँ प्रदान करना, पुनर्वास केंद्रों में सहायता, तथा समुदाय स्तर पर सहभागिता सुनिश्चित करने जैसे कार्यों के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। वे नशे के शिकार व्यक्तियों को सामाजिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें पुनः मुख्यधारा में लाने का प्रयास करते हैं। यह अध्ययन द्वितीयक आंकड़ों पर आधारित है और वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक पद्धति का उपयोग करता है। निष्कर्षतः यह स्पष्ट होता है कि नशा मुक्ति अभियान की सफलता में सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और अनिवार्य है। उनके प्रयासों से न केवल नशे की समस्या को कम किया जा सकता है, बल्कि एक स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण भी संभव है। कुंजी शब्द: नशा मुक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता, पुनर्वास, जागरूकता, मादक पदार्थ, सामाजिक समस्या
How to Cite
नीरज कुमार गुर्जर, डॉ मनोरमा चौहान. (1). नशा मुक्ति अभियान में सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका. ACCENT JOURNAL OF ECONOMICS ECOLOGY & ENGINEERING ISSN: 2456-1037 SIF:8.20, Peer Reviewed and Refereed Journal, UGC APPROVED NO. 48767 (Ref.2018), 11(04), 41-45. Retrieved from https://ajeee.co.in/index.php/ajeee/article/view/6074
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