शारीरिक फिटनेस मानदंडों का आदर्श अध्ययन: मध्य प्रदेश के परिसीमन विद्यालय के छात्र एवं छात्राओं का विश्लेषण

  • रेनू यादव, डॉ. वीरेन्द्र सिंह पवार

Abstract

सार (Abstract) इस अध्ययन का उद्देश्य मध्य प्रदेश के परिसीमन विद्यालय के 14 से 17 वर्ष के छात्रों और छात्राओं की शारीरिक फिटनेस के लिए लिंग-विशिष्ट मानक आँकड़ों का आकलन और विकास करना था। यह एक वर्णनात्मक सर्वेक्षण अध्ययन था। कुल 1,200 छात्रों (600 बालक, 600 बालिकाएँ) का चयन स्तरीकृत यादृच्छिक प्रतिचयन द्वारा किया गया। स्वास्थ्य संबंधी शारीरिक फिटनेस घटकों का मूल्यांकन कार्डियोरेस्पिरेटरी सहनशक्ति (12 मिनट का कूपर परीक्षण), मांसपेशियों की शक्ति (हैंड ग्रिप स्ट्रेंथ टेस्ट), मांसपेशियों की सहनशक्ति (पुश-अप्स और कर्ल-अप्स), लचीलापन (सिट एंड रीच टेस्ट), और शारीरिक संरचना (बॉडी मास इंडेक्स) के माध्यम से किया गया। डेटा विश्लेषण के लिए वर्णनात्मक सांख्यिकी (माध्य, मानक विचलन, प्रतिशतक) और स्वतंत्र टी-परीक्षण का उपयोग किया गया। परिणामों से पता चला कि बालकों ने बालिकाओं की तुलना में कार्डियोरेस्पिरेटरी सहनशक्ति, मांसपेशियों की शक्ति और सहनशक्ति में उच्च स्तर प्रदर्शित किया (p < 0.05), जबकि बालिकाओं ने लचीलापन में उच्च प्रदर्शन दिखाया। शारीरिक संरचना में, बालिकाओं का शरीर में वसा प्रतिशत बालकों की तुलना में अधिक पाया गया। स्थापित मानक डेटा को प्रतिशतक तालिकाओं (उत्कृष्ट, अच्छा, औसत, औसत से नीचे, खराब) के रूप में प्रस्तुत किया गया। परिसीमन विद्यालय के छात्रों की शारीरिक क्षमता लिंग के आधार पर महत्वपूर्ण रूप से भिन्न है। इस अध्ययन द्वारा विकसित मानक आँकड़े शैक्षणिक संस्थानों में फिटनेस स्तर के मूल्यांकन और शारीरिक शिक्षा कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ के रूप में कार्य करेंगे। कीवर्ड: शारीरिक फिटनेस, मानक डेटा, विद्यालय के छात्र, लिंग भेद, कार्डियोरेस्पिरेटरी सहनशक्ति, मांसपेशियों की शक्ति।
How to Cite
रेनू यादव, डॉ. वीरेन्द्र सिंह पवार. (1). शारीरिक फिटनेस मानदंडों का आदर्श अध्ययन: मध्य प्रदेश के परिसीमन विद्यालय के छात्र एवं छात्राओं का विश्लेषण. ACCENT JOURNAL OF ECONOMICS ECOLOGY & ENGINEERING ISSN: 2456-1037 SIF:8.20, Peer Reviewed and Refereed Journal, UGC APPROVED NO. 48767 (Ref.2018), 11(02), 96-106. Retrieved from https://ajeee.co.in/index.php/ajeee/article/view/6004