रामधारी सिंह दिनकर एवं हरिशंकर परसाई की लघुकथाओं में सामाजिक योगदान: तुलनात्मक अध्ययन

  • प्रोफेसर आशिया खान, श्रीमती डॉ. पद्मश्री शर्मा

Abstract

शोध सारांश हरिशंकर परसाई और रामधारी सिंह दिनकर ने अपनी लघु कथा के माध्यम से समाज में व्याप्त सामाजिक विडंबनाओ पर प्रहार किया है, धार्मिक पाखंड और आम आदमी की व्यवस्था को तीखे व्यंग्य के माध्यम से उजागर किया है, इन दोनों साहित्यकारों ने अपनी रचना के माध्यम से समाज को जागरूक करने का कार्य किया है। हरिशंकर परसाई और रामधारी सिंह दिनकर दोनों की लेखनी सामाजिक यथार्थ को उजागर करने सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करने और जनमानस को सोचने पर विवश करने में सक्षम रही है। शोध की आवश्यकता एवं उद्देश्य - यह शोध पत्र रामधारी सिंह दिनकर और हरिशंकर परसाई इन दोनों साहित्यकारों की लघुकथाओं के माध्यम से समाज को जागरूक करने का कार्य करता है । लघुकथा के माध्यम से समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, कुरीतियां, भेदभाव समाप्त कर सामाजिक एकता की स्थापना करना है। शोध का उद्देश्य रामधारी सिंह दिनकर और हरिशंकर परसाई की रचनाओं के माध्यम से समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करना तथा एक आदर्शवादी समाज की स्थापना करना है।
How to Cite
प्रोफेसर आशिया खान, श्रीमती डॉ. पद्मश्री शर्मा. (1). रामधारी सिंह दिनकर एवं हरिशंकर परसाई की लघुकथाओं में सामाजिक योगदान: तुलनात्मक अध्ययन. ACCENT JOURNAL OF ECONOMICS ECOLOGY & ENGINEERING ISSN: 2456-1037 SIF:8.20, Peer Reviewed and Refereed Journal, UGC APPROVED NO. 48767 (Ref.2018), 10(10), 31-34. Retrieved from https://ajeee.co.in/index.php/ajeee/article/view/5865