परंपरा से नवाचार तक: भारतीय ज्ञान परंपराओं और शिक्षा के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का मनोवैज्ञानिक अध्ययन
Abstract
सारांशः महिला सशक्तिकरण आज वैश्विक, सामाजिक, शैक्षिक और मनोवैज्ञानिक विमर्श का एक केंद्रीय विषय बन चुका है। इस अवधारणा को समझने के लिए प्रचलित अधिकांश सैद्धांतिक मॉडल पश्चिमी सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भों में विकसित हुए हैं, जो भारतीय समाज की ऐतिहासिक, दार्शनिक और सांस्कृतिक जटिलताओं को पूर्णतः प्रतिबिंबित नहीं कर पाते। भारतीय ज्ञान परंपराएँ शिक्षा को केवल कौशल या रोजगार-उन्मुख प्रक्रिया के रूप में नहीं, बल्कि आत्मबोध, नैतिक चेतना, मानसिक संतुलन और सामाजिक उत्तरदायित्व के विकास के साधन के रूप में परिभाषित करती हैं। यह शोध-पत्र परंपरा से नवाचार तक की वैचारिक यात्रा के संदर्भ में भारतीय ज्ञान परंपराओं और समकालीन भारतीय शिक्षा प्रणाली में हुए परिवर्तनों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के मनोवैज्ञानिक आयामों का विश्लेषण करता है। अध्ययन यह स्पष्ट करता है कि प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था में महिलाओं की बौद्धिक और आध्यात्मिक सहभागिता ने उनके आत्म-सम्मान और पहचान निर्माण को सुदृढ़ किया। आधुनिक समय में, शिक्षा में समावेशिता, मूल्य-आधारित पाठ्यक्रम, लैंगिक समानता पर केंद्रित नीतियाँ और नवाचारी शैक्षिक दृष्टिकोण इस परंपरा को नए संदर्भ में पुनर्परिभाषित कर रहे हैं। मनोवैज्ञानिक दृष्टि से यह शोध दर्शाता है कि शिक्षा महिलाओं में आत्म-प्रभावकारिता, निर्णय-क्षमता, मनोवैज्ञानिक स्वायत्तता और मानसिक कल्याण को बढ़ावा देती है। भारतीय ज्ञान परंपराओं से प्रेरित शिक्षा मॉडल महिला सशक्तिकरण को केवल बाह्य अधिकारों या आर्थिक स्वतंत्रता तक सीमित ना रख कर इसे आंतरिक चेतना और संतुलन से जोड़ता है। अध्ययन यह भी प्रतिपादित करता है कि भारतीय शैक्षिक दृष्टि वैश्विक भविष्य के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि यह सशक्तिकरण को सांस्कृतिक संवेदनशीलता, नैतिकता और समावेशी विकास से जोड़ती है। इस प्रकार, भारतीय ज्ञान परंपराओं और शैक्षिक नवाचारों का समन्वय महिला सशक्तिकरण का एक ऐसा मनोवैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत करता है जो न केवल भारत बल्कि वैश्विक समाज के लिए भी टिकाऊ और मानवीय समाधान प्रदान करता है। मुख्य शब्द: भारतीय ज्ञान परंपराएँ, शिक्षा में नवाचार, महिला सशक्तिकरण, मनोवैज्ञानिक विकास, आत्मबोध, समावेशी शिक्षा, वैश्विक भविष्य
How to Cite
प्रो. श्रद्धा मानधन्या. (1). परंपरा से नवाचार तक: भारतीय ज्ञान परंपराओं और शिक्षा के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का मनोवैज्ञानिक अध्ययन. ACCENT JOURNAL OF ECONOMICS ECOLOGY & ENGINEERING ISSN: 2456-1037 SIF:8.20, Peer Reviewed and Refereed Journal, UGC APPROVED NO. 48767 (Ref.2018), 10(10), 1-9. Retrieved from https://ajeee.co.in/index.php/ajeee/article/view/5848
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