भारतीय अंग्रेजी लेखन में चुनिंदा आत्मकथाओं में महिलाओं का चित्रण: एक समग्र दृष्टिकोण
Abstract
दलित साहित्य सामान्य साहित्यिक सिद्धांत में प्रयुक्त हाशिये के साहित्य की अवधारणा का एक नया आयाम दर्शाता है। दलित साहित्य न केवल अपनी जड़ों में बल्कि अपने उद्देश्य और लक्ष्य में भी विशिष्ट रूप से भारतीय है। यह संपूर्ण भारतीय साहित्यिक परंपरा को संबोधित करता है और इसकी पूर्ति इस परंपरा के समग्र परिवर्तन में निहित है। दलित साहित्य उत्तर-औपनिवेशिक स्वदेशी आंदोलन है जिसका उद्देश्य सदियों से मौन अस्तित्व के लिए अभिशप्त असंख्य जातियों, जनजातियों और समुदायों के जनसमूह की रचनात्मक इच्छाओं को विकसित करना है। दलित साहित्य राजनीति का साहित्य है और राजनीति इसका अभिन्न अंग है, हालाँकि राजनीति को कोई भी जिस भी रूप में परिभाषित करना चाहे, कर सकता है। क्योंकि, दलितवाद राजनीतिकरण का उत्पाद है, एक ऐसी प्रक्रिया जो हर संगठित समाज में निरंतर चल रही है। कीवर्ड: दलित साहित्य, उत्तर-औपनिवेशिक मूलनिवासी, राजनीतिकरण का उत्पाद।
How to Cite
आनंद कुमार. (1). भारतीय अंग्रेजी लेखन में चुनिंदा आत्मकथाओं में महिलाओं का चित्रण: एक समग्र दृष्टिकोण. ACCENT JOURNAL OF ECONOMICS ECOLOGY & ENGINEERING ISSN: 2456-1037 SIF:8.20, Peer Reviewed and Refereed Journal, UGC APPROVED NO. 48767 (Ref.2018), 9(12), 208-219. Retrieved from https://ajeee.co.in/index.php/ajeee/article/view/5236
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