आई.सी.आई.सी.आई. बैंक की व्यक्तिगत ऋण योजना का विष्लेषणात्मक अध्ययन ‘‘भोपाल संभाग के विषेष संदर्भ में‘‘

रिंकी अहिरवार

Abstract


आईसीआईसीआई बैंक भारत की प्रमुख बैंकिंग एवं वित्तीय सेवा संस्थान है। पहले इसका नाम ‘इंडस्ट्रियल क्रेडिट ऐण्ड इन्वेस्टमेन्ट कार्पोरेशन ऑफ इण्डिया‘ (भारतीय औद्योगिक ऋण और निवेश निगम) था। यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा बैंक है। बाजार कैपिटलाइजेशन की दृष्टि से भारत के निजी क्षेत्र का यह सबसे बड़ा बैंक है। इस बैंक की भारत में 2883 शाखाएँ हैं एवं 10021 एटीएम हैं। यह 19 अन्य देशों में भी मौजूद है।
आईसीआईसीआई बैंक 31 मार्च 2010 को 3,634.00 अरब रुपये (81 अरब अमेरिकन डॉलर) की कुल आस्तियों तथा 40.25 अरब रुपये (8,960 लाख अमेरिकन डॉलर) के कर-पश्चात् लाभ वाला भारत का दूसरा सबसे बड़ा बैंक है। बैंक के पास भारत में 2883 शाखाओं तथा लगभग 10021 ए.टी.एम. का नेटवर्क है तथा 19 देशों में इसकी उपस्थिति है। आईसीआईसीआई बैंक कॉरपोरेट तथा रिटेल ग्राहकों को अनेक प्रकार के सेवा चैनलों तथा निवेश बैंकिंग, जीवन तथा साधारण बीमा, वेंचर कैपिटल तथा एसेट प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी विशेषीकृत सहायक संस्थाओं के माध्यम से अनेकानेक बैंकिंग उत्पाद और वित्तीय सेवाएं देता है। वर्तमान में बैंक की सहायक संस्थाएं युनाइटेड किंगडम, रूस तथा कनाडा में, शाखाएं युनाइटेड स्टेट्स, सिंगापुर, बहरीन, हाँग काँग, श्रीलंका, कतार, दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर में तथा प्रतिनिधि कार्यालय युनाइटेड अरब एमिरेट्स, चीन, दक्षिण अफ्रीका, बांगलादेश, थाइलैंड, मलयेशिया तथा इंडोनेशिया में हैं। यू॰के॰ की हमारी सहयोगी संस्था ने बेलजियम तथा जर्मनी में शाखाओं की स्थापना की है।
आईसीआईसीआई बैंक के इक्विटी शेयर भारत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड और इसके अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (ए.डी.आर.) न्यू यॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (एन.वाय.एस.ई.) में सूचीबद्ध हैं।


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