सूचना क्रांति और महिलाओं की बदलती स्थिति

वन्दना रानी जोशी

Abstract


कम्प्यूटर और इंटरनेट के ़क्षेत्र में हम पिछडे़े हुए तो हरगिज नहंी है। जब यह विलक्षण सूचना क्रांति इंटरनेट के रूप में अमेरिका से बहार आना आरंभ हुई थी, भारत ने उसी समय इस नई तकनीकों को हाथों हाथ झेल कर सहेजा था। आज भारत सूचना क्रांति के अग्रणी दशों मंे शुमार है। लेकिन जो इसके साथ नहीं चल सके वे पिछड़ते गए। इनमें महिलाएं विशेष रूप से चाहे-अनचाहे शामिल न हो सकी। लेकिन आज तस्वीर एकदम उलट है शहरों में महिलाओं ने इस क्षेत्र में अपना मजबूत वर्चस्व स्थापित किया। इस पुरूष सत्तात्मक समाज में महिलाएं हाशिये पर रही, यह तो शुक्र है कि सूचना क्रांति की जिसने महिलाओं को विकास पथ पर चलने का अवसर दिया। कांच की चूड़ी पहनकर खिड़की से झांकती थी, अब वह खेल के मैदान से लेकर ज्ञान की दुनिया में अपना लोहा मनवा रही है। जिन्हें समाज में बोलने तक का सामथ्र्य नहीं था वह प्रदेश व देश को संचालित कर रही है। इन उपलब्धियों मे प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष रूप से सूचना-क्रांति का योगदान है।

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References


जनसंचार और सामाजिक संदर्भ - डावरीमल्ल पारख ।

तिवारी अजुर्न- जनसंचार और पत्रकारिता।

संस्कृति, जनसंचार और बाजार- नंद भाखज।

मीडिया विमर्ष सितंबर- नवंबर 2007 ।

योजना अगस्त 2011


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